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चन्द्र विहार

                
                                                         
                            चन्द्र विहार
                                                                 
                            
तारों के पार
झिलमिल अंबर
उज्ज्वल रात

सुखद दृश्य
अनंत आकाश
लघु स्वप्न विहंगम संसार
मधुर चांदनी
शीतल राग

भ्रमण नहीं
यह प्रस्थान
चन्द्र अर्चि का
अविरल प्रवाह।

नभ में विचरे
पावस पयोद
मयंक संग मापे
व्योम विभा विभोर ।।
- काव्यांशी श्रीवास्तवा
 
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2 घंटे पहले

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