औरत की ख़ामोशी और
मर्द की मुस्कान पर यकीन मत रखना
वो कुछ ऐसा भ्रम में रखते हैं
जैसे ग्रीष्म ऋतु के बादल
तूफ़ान को छुपा कर रखते हैं
-कविता श्री
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