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एक शहर

                
                                                         
                            ख़ुद को उजड़ता देख बहुत रोया एक शहर 
                                                                 
                            
सिसकियांँ ले-ले कर रोया वो शहर
उसे एकाएक वो सारी चीखें याद आ गई 
जब उसने एक गांव उजाड़ कर बसाया था शहर
-कविता श्री 
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2 महीने पहले

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