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प्रेम

                
                                                         
                            कुछ भी कहो तुम मगर मैं तो फिदा हो गया।
                                                                 
                            
तुमको देखकर जानाँ मुझको क्या हो गया।

मैंने इक शेर क्या कहा सब शेर झुक गये,
तुम्हारे हुस के लिये ये काफिला हो गया।

के जो मेरी रूह को चैन दे करार दे,
तुम्हारा हुस मेरे लिये वो दवा हो गया।

हम तो चाहते थे हुप के मौहब्बत करना,
लेकिन हमारी कहानी का चर्चा हो गया।

जो शब्स भरी महफिलों में बदनाम हुआ हो,
अपनी कसम उस शब्स का तो मरना हो गया।

उसका नाक-प्याला देखकर जो आया है,
वो तो घर पे आते ही अधमरा हो गया।
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2 महीने पहले

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