है समय बड़ा बलवान सखा,कमर सदा कसना।
बीती बातें पीड़ा देती,याद नहीं करना ।।
हिम्मत कर के आगे बढ़ना ,कभी नहीं डरना।
ग़म के साये ग्रहण लगाए, सूरज बन जलना।।
देख बुलंदी इतराए जो,राह नया धरना।
बीती बातें पीड़ा देती ,याद नहीं करना।।
प्रेम विरह प्रेमी चुनते है, कठिन सफ़र चलना।
दृढ़ बनकर कर्तव्य पथिक तुम ,खड़े सदा रहना।।
जीवन के विषम समय में भी,कभी नहीं झुकना
बीती बातें पीड़ा देती,याद नहीं करना।।
बीते हुए समय पर चिंतन,आओ आज करें ।
मन में जब अवसाद उठे तो,कैसे घाव भरे।
चिंतन व्यर्थ करें क्यों भगवन,मिलें नहीं अपना।
बीती बाते पीड़ा देती ,याद नहीं करना।।
अब आँखों में आँसू भर कर ,देख रहा सपने ।
गाँव हमारा कितना प्यारा, जहाँ सभी अपने।।
मिलती हमें खुशी देखूँ जब,भरा कभी अँगना।
बीती बातें पीड़ा देती ,याद नहीं करना।।
-सूरज तिवारी
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