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हियरो दीप बनै री

                
                                                         
                            ऐसी मीठी पीर जगावौ हियरो दीप बनै री
                                                                 
                            
अंसुवन सों मैं मारग जोहूँ रैन दरस महँ सनै री

नैनन नीर बहै बन जमुना चरन कमल पखारै
बिन दरसन ही रोम रोम महँ छबि पीतम की निहारै
ऐसी सुध बुध हरौ बावरी अनहद बंसी सुनै री
ऐसी मीठी पीर जगावौ हियरो दीप बनै री

माटी मेरी उड़े पवन सँग कुंजन रज बन जावै
जहाँ धरौ तुम पगुवा अपुने भाल मोर तहँ पावै
विरह अगिनि में तपत तपत ही मिलन सुधा छलकै री
ऐसी मीठी पीर जगावौ हियरो दीप बनै री

कंटक चुभैं पाँव महँ मेरे पीर तोहे कसकावै
मेरी सिसकी सुनि सुनि कै पिय तोरा प्रान भरि आवै
दूरी तन की रहे बीच महँ मनुवाँ सँग ही गुनै री
ऐसी मीठी पीर जगावौ हियरो दीप बनै री

मैं पन मिटै रहै बस तू ही ऐसो नेह लगावो
रूँधे कंठ ते निकसै सरगम अपुनो गीत बनावो
रंज भान की अरज यही है स्वाँस स्वाँस महँ रमै री
ऐसी मीठी पीर जगावौ हियरो दीप बनै री
-भानु शर्मा रंज
 
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2 महीने पहले

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