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बिसर गयौ सब ग्यान

                
                                                         
                            गीत
                                                                 
                            

तेरे स्याम सलोने मुख पै वारूँ अपने प्रान
मुरली की मीठी धुन सुनि कै बिसर गयौ सब ग्यान

यमुना के तट कदम छाँव में राची रास फुहार
नैनन सों नैनन की बतियाँ मीठी सी मनुहार
सुध बुध मोरी खोय गई है सुनि बंसी की तान
मुरली की मीठी धुन सुनि कै बिसर गयौ सब ग्यान

चन्दा की उजली रजनी में अद्भुत रूप दमकतौ
अधरन पै मुसकान सजी है रस प्याला छलकंतौ
हियरे में उठती है हलचल घायल कर गए बान
मुरली की मीठी धुन सुनि कै बिसर गयौ सब ग्यान

कारी अलकें घुँघराली ज्यों सावन कारी रैन
चंचल चितवन मदन बावरी छीन लेत सब चैन
बाँवरी सी डोलत कुंजन में भई जगत अनजान
मुरली की मीठी धुन सुनि कै बिसर गयौ सब ग्यान

रोम रोम रमि गयौ साँवरौ साँस साँस महकाय
बिन दरसन नहिं धीर बँधत है नैन नीर ढरि जाय
भानु रंज की एकै अरजी राखौ मोरा मान
मुरली की मीठी धुन सुनि कै बिसर गयौ सब ग्यान
-भानु शर्मा रंज
 
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3 महीने पहले

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