हक़ की आवाज दबाने को चालें हर रोज चलेंगे वो।
कोई भी प्रश्न किया तुमने? उत्तर में कैद करेंगे वो।
डोलते हुए सिंहासन पर कैसे भी क़ाबिज़ रहने को;
हर एक सही आंदोलन को भी देशद्रोह कह देंगे वो।
-कौशल किशोर मौर्य ‘दक्ष’
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