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माँ तू है तो ये दिन है और है ये रात

                
                                                         
                            माँ तू है तो ये दिन है और है ये रात,
                                                                 
                            
तेरे बिना कुछ अधूरी-सी है बात।
तू है तो सब कुछ अच्छा-सा लगता है,
तेरे बिन ये जग सूना सा लगता है।
तेरे हाथों से तो हर एक निवाला भी अमृत लगता है,
तेरी डाँट में भी छुपा तेरा प्यार मुझे दिखता है।
कोई चिंता हो तो तेरे आँचल में छुप जाने को मन करता है,
कोई मुश्किल हो तो दिल सबसे पहले तुझे ही याद करता है।
तू हमारी छोटी-से-छोटी चीज़ का ख्याल रखती है,
एक माँ ही तो है जो अपने बच्चों से सबसे ज्यादा प्यार करती है।
तेरे होने से घर भी मंदिर लगता है,
मुझे तो तुझमें अपना रब दिखता है।
माँ के पास हर समस्या का उपाय होता है,
उसके चरणों में तो माँ लक्ष्मी जी का वास होता है।
माँ है तो हम हैं और है ये आज,
माँ ही दुर्गा, माँ ही अन्नपूर्णा और वो ही है समस्त सृष्टि का ताज!!
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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