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पियूँ तो कितना ?

                
                                                         
                            बस इतना बताओं,
                                                                 
                            
मरू या ना मरू ?

बोलू या ना बोलू ?

डरूं या ना डरूं ?
करू तो क्या करूँ ?

रुकूं तो कितना ?
हसु तो कितना ?
देखूं तो कितना ?
शरमाऊं तो कितना ?

समझाऊं तो.....
कितना ?
किस किस को ?

कोई यहां है भी समझने को ?
यहां
ठीक से किसी ने कुछ समझाया नहीं !
ना ठीक से किसी ने कुछ सुना कहीं !


इंसानियत बची है,
तो बस ये बता सखी,

मैं पियूं तो कितना ?

~कशिश भसीन
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2 महीने पहले

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