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जिंदगी का सफर

                
                                                         
                            जो चालीस मिनट की क्लास में, दो बार उठा करते थे
                                                                 
                            
वो अब दस घंटे की शिफ्ट में काम करने लगे है

जो HOD से तक कभी नहीं डरे
वो मैनेजर की बात सुनने लगे है

जब चाहा तब, बनाई छुट्टियां खूब और बहाने
छुट्टी के लिए अब बीमार होने के बहाने बनाने लगे हैं

मम्मी पापा मेरी क्लास में आज ऐसा हुआ था
बताने वाले
आज वो अपनी ही बाते घर वालो से छुपाने लगे है

कहां गए पांच साल के पुराने पेपर
वो प्यार के पंछियों का लव लेटर

कहां गए टीचर के महत्वपूर्ण टॉपिक
चौक एंड डस्टर का समझा हुआ लॉजिक

लेने लगी जिंदगी इम्तिहान
दिन में तारे नजर आने लगे है
दिन रात की ड्यूटी में हम भी
बीमार नजर आने लगे है
 
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3 महीने पहले

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