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आज मिल जुलकर दिवाली मनाएं।

                
                                                         
                            " दीपावली "
                                                                 
                            
आओ हिल मिलकर एक दीपक जलाएं
आज मिल जुल कर दिवाली मनाएं
हृदय के अंतःकरण से
राष्ट्र की नवचेतना का
उमंग और प्रसन्नता का
उन्नति का समृद्धि का
परोपकार का पथ दिखाएं
आओ हिल मिलकर एक दीपक जलाएं
आज मिल जुल कर दिवाली मनाएं ।
कर्म ऐसा कर चले हम
धरा पर नित्य दीप जले
रोशनी प्रचंड जिसकी
हृदय तम का विनाश करें
एक दीपक से अनंत दीप जलाएं
आओ हिल मिलकर एक दीपक जलाएं
आज मिल जुल कर दिवाली मनाएं ।
फूस के हो ठांव जिसके
खेत ना खलिहान जिसके
घिरे हो घनघोर तम में
ऐसे बेबसों के दिल में
ज्ञान का एक दीप जलाएं
आओ हिल मिलकर एक दीपक जलाएं
आज मिल जुल कर दिवाली मनाएं।
सीमा पर हरदम डेट हैं
सुरक्षा वतन की करते
निज प्राणोत्सर्ग करके
अमन और शांति फैलाएं
उन शहीदों के नाम दीपक संवारे
आओ हिल मिलकर एक दीपक जलाएं
आज मिल जुल कर दिवाली मनाए।
वतन के चिराग यारों
हिंदू हो या मुस्लिम प्यारों
सिख हो या हो इसाई
सत्संगी का संदेश भाई
न जाति धर्म की बकवास फैलाएं
आओ हिल मिलकर एक दीपक जलाएं
आज मिल जुलकर दिवाली मनाएं।

 
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