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गणेश जी की आरती

                
                                                         
                            …जय गणेशा, जय गणेशा,जय गणेशा महाराज।
                                                                 
                            
बुद्धि दो, शुभ कर्म दो,सफल करो हर काज॥
वक्रतुंड हे विघ्न-विनाशक,हर लो मन के काज।
एकदंत तुम ज्ञान-विधाता,मन में भरो प्रकाश॥

जय गणेशा, जय गणेशा,जय गणेशा महाराज।
बुद्धि दो, शुभ कर्म दो,सफल करो हर काज॥

लंबोदर हे दीन-दयाला,सुख-दुःख रहना साथ।
जो कुछ आए जीवन में प्रभु,देना सहने की आस॥
बड़े तुम्हारे कान गणेशा,सुन लो मन की बात।
दीन-दुखी की मौन पुकारें,सुनना दिन और रात॥

जय गणेशा, जय गणेशा,जय गणेशा महाराज।
बुद्धि दो, शुभ कर्म दो,सफल करो हर काज॥

छोटी आँखें गहन तुम्हारी,सूक्ष्म दिखे हर राज।
सत्य-असत्य की पहचान दो,मन में रखो शुभ काज॥
छः भुजाओं वाले गणनायक,छः दिशाओं के नाथ।
बल, बुद्धि, विद्या, सुख-संपदा,रखना सबके साथ॥

जय गणेशा, जय गणेशा,जय गणेशा महाराज।
बुद्धि दो, शुभ कर्म दो,सफल करो हर काज॥

पाश तुम्हारा मोह मिटाए,अंकुश दे सद्बुद्धि।
भटके मन को राह दिखाकर,कर दो मन की शुद्धि॥
हाथों में मोदक सुखदायक,मेहनत का दो फल।
जिस घर श्रम हो, सत्य हो प्रभु,वहाँ रहे मंगल॥

जय गणेशा, जय गणेशा,जय गणेशा महाराज।
बुद्धि दो, शुभ कर्म दो,सफल करो हर काज॥


दूर्वा, पुष्प और सिंदूर चढ़ाएँ,चंदन का हो साज।
धूप-दीप की ज्योति जले तो,महके घर-आँगन आज॥
नारियल, सुपारी, पान चढ़ाएँ,फल-माला का साज।
लड्डू, मोदक भोग लगाएँ,पूर्ण करो हर काज॥

जय गणेशा, जय गणेशा,जय गणेशा महाराज।
बुद्धि दो, शुभ कर्म दो,सफल करो हर काज॥

दूध-दही और मधु से प्रभु,करें चरण अभिषेक।
शुद्ध रहे तन, शुद्ध रहे मन,शुद्ध रहे हर नेक॥
प्रथम देव तुम, बुद्धि तुम्हारी,ब्रह्मांड तुम्हारा राज।
माता-पिता में जग को देखा,यही तुम्हारा संदेश आज॥

जय गणेशा, जय गणेशा,रखो हमारी लाज।
आए कोई विघ्न जगत में,हर लो पल में आज॥

रिद्धि-सिद्धि संग मंगल लाना,भर देना भंडार।
अन्न-धन से घर भर देना,दूर करो अंधकार॥
जो कोई तेरी आराधना करे,उसका रखना मान।
कलश भरे खुशियों से उसके,सुखी रहे परिवार॥

जय गणेशा, जय गणेशा,जय गणेशा महाराज।
बुद्धि दो, शुभ कर्म दो,सफल करो हर काज॥

जिस घर गूँजे नाम तुम्हारा,मंगल हो हर काज।
जन-जन के जीवन में बप्पा,भर दो सुख का साज॥
जय गणेशा, जय गणेशा,रखो हमारी लाज।
आए कोई विघ्न जगत में,हर लो पल में आज॥

जय गणेशा… जय गणेशा…जय गणेशा… महाराज।
रिद्धि-सिद्धि संग पधारो,सफल करो हर काज॥

गणपति बप्पा मोरया,मंगल मूर्ति मोरया।
सबके घर में सुख-शांति हो,जन-जन का कल्याण मोरया॥
गणपति बप्पा मोरया…
मंगल मूर्ति मोरया…
गणपति बप्पा मोरया…
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एक घंटा पहले

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