कलियाॅं प्यारी फूल सुहाने सारी बस्ती अच्छी है ।
हरदम गाए मोर पपिया कोयल वाणी अच्छी है ।
हमने देखे रंग-बिरंगे ज्यों फूलों के गुलदस्ते ।
बच्चों की वो हॅंसी सुहानी और शैतानी अच्छी है ।
हमको भाए सोहन पपड़ी अच्छू जी को रसगुल्ले ।
सबको बाती पोयम-वोयम और कहानी अच्छी है ।
सागर नदियाॅं पोखर-वोखर कितने अच्छे प्यारे हैं ।
वर्षा की तो बात ना पूछो वाह रवानी अच्छी है ।
"तन्हा" ने देखे हैं कितने सच्चे झूठ अफ़साने ।
बचपन दर्द समेटे फिरता एक जवानी अच्छी है ।
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