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हे भोलेनाथ

                
                                                         
                            हे भोलेनाथ, जय महाकाल,
                                                                 
                            
करके अपना रूप विकराल।
हे रुद्र! दानवों का कर संहार,
आपसे है यह सारा संसार।

हे गंगाधर, भोले ओमकार,
आप ही जीवन के आधार।
हे नीलकंठ, त्रिपुरारी शंभु,
हर लो जगत का अंधकार।

वंदन है, हम सबको वर दो,
अपने चरणों में हमें रख लो।
अपनी कृपा की वर्षा कर दो,
भक्ति-अमृत मन में भर दो।

अब हम सबकी पीड़ा हर दो,
हर संकट जीवन से तर दो।
मन में सत्य, प्रेम और ज्ञान,
ऐसा दो शिव! अपना वरदान।

डमरू की ध्वनि गूँज उठे,
हर हृदय में शिव नाम बसे।
हर-हर महादेव का जयकार,
मंगलमय हो यह पूरा संसार।

हे आशुतोष, दीनदयाल,
रखना सदा हमारा ख़याल।
तेरी शरण जो भी आया है,
उसका जीवन सफल बनाया है।

हर-हर महादेव! जय महाकाल!
—कमल किशोर झा 
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2 महीने पहले

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