प्रेम शब्द नहीं,
मौन की सबसे मधुर अभिव्यक्ति है।
यह अधिकार नहीं,
अपितु सहज स्वीकार है।
यह पाने की आकांक्षा नहीं,
समर्पण का निर्मल प्रकाश है।
जहाँ मन बिना किसी शर्त के
किसी के सुख में अपना सुख खोज ले—
वहीं प्रेम है।
— काजल नायक
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