यू जो बात बात पर हमसे दूरी बनाते हो तुम,
गैर हैं, और गैर होने का ऐहसास दिलाते हो तुम!
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X