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राजस्थान की धरा ये महान

                
                                                         
                            राजस्थान की धरा ये महान,
                                                                 
                            
ये है हिंदू शूरवीर राणा का स्थान।
कण-कण में वीरों की गाथा है,
हर पत्थर में गौरव की परिभाषा है।

अरावली की ऊँची शान,
मरुधर की धरती, वीरों की जान।
रेत के टीलों पर सूरज मुस्काए,
केसरिया ध्वज गगन में लहराए।

ये धरती है त्याग और बलिदान की,
ये धरती है शौर्य और स्वाभिमान की।
यहाँ मातृभूमि पर शीश चढ़ाएँ,
पर वीर कभी अपना शीश न झुकाएँ।

राजस्थान की धरा ये महान,
ये है हिंदू शूरवीर राणा का स्थान।
मिट्टी-मिट्टी में गूँजे जयगान,
वीरों की भूमि, भारत की शान!

चित्तौड़गढ़ का किला पुकारे,
इतिहास के पन्ने वीरता सँवारे।
मेवाड़ की माटी का अद्भुत मान,
हर दिल में बसता स्वाभिमान।

महाराणा प्रताप की अमर कहानी,
चेतक की निष्ठा, वीरता की निशानी।
हल्दीघाटी का रण ललकारे,
आज भी वीरों के साहस को सँवारे।

घास की रोटी खाकर भी जिसने,
स्वाभिमान का दीप बुझने न दिया।
कठिनाइयों के घने अँधेरों में,
मातृभूमि का साथ कभी न छोड़ा।

राणा सांगा का अद्भुत पराक्रम,
वीरता का था अनुपम संगम।
पन्ना धाय का त्याग महान,
मातृभूमि और कर्तव्य का ऊँचा सम्मान।

हाड़ी रानी के त्याग की गाथा,
साहस ने लिखी इतिहास की भाषा।
मीराबाई की भक्ति सुहानी,
कृष्ण-प्रेम की अमर कहानी।

यहाँ लोकगीतों की मधुर तरंगें,
यहाँ घूमर की सुंदर उमंगें।
मांड की धुन जब कानों में आए,
मन मरुधर की ओर खिंचा चला जाए।

जयपुर की गलियाँ, गुलाबी पहचान,
जैसलमेर का स्वर्णिम वितान।
जोधपुर का नीला संसार,
उदयपुर की झीलें, सौंदर्य अपार।

पुष्कर की धरती, अजमेर की शान,
बीकानेर की संस्कृति, अनूठी पहचान।
रणथंभौर के वन, वन्यजीवों का मान,
थार का मरुस्थल, प्रकृति का वरदान।

ऊँटों की चाल और पगड़ी के रंग,
लोकनृत्यों में जीवन के ढंग।
बाजरे की रोटी, छाछ का प्यार,
अतिथि के स्वागत में खुलते द्वार।

यहाँ की बोली में अपनापन है,
यहाँ के लोगों में सच्चा मन है।
मेहमान को देवता मानते हैं,
प्रेम से सबका सम्मान करते हैं।

केसरिया रंग बलिदान बताए,
हरा रंग जीवन की आशा जगाए।
तिरंगे की शान हृदय में बसाए,
भारत माता का जयघोष लगाए।

राजस्थान केवल इतिहास नहीं,
यह शौर्य की जीवित पहचान है।
यह केवल रेत का विस्तार नहीं,
यह भारत की गौरवमयी मुस्कान है।

यहाँ वीरता का दीप जलेगा,
हर युग में स्वाभिमान पलेगा।
नई पीढ़ी जब इतिहास पढ़ेगी,
अपने पुरखों से प्रेरणा लेगी।

हम शिक्षा से अपना मान बढ़ाएँ,
मेहनत से नए शिखर चढ़ जाएँ।
वीरों की धरती का नाम रोशन करें,
प्रेम और एकता से भारत का वंदन करें।

राजस्थान की धरा ये महान,
ये है हिंदू शूरवीर राणा का स्थान।
महाराणा प्रताप की अमर पहचान,
भारत माता का गौरव, राजस्थान!

न झुकेगा साहस, न मिटेगा मान,
युगों-युगों तक गूँजेगा जयगान।
जब तक सूरज-चंदा आसमान में रहेंगे,
राजस्थान के वीरों के किस्से कहेंगे।

माटी की खुशबू, परंपरा की शान,
वीरों का साहस, संस्कृति की जान।
दिल में तिरंगा, होठों पर जयगान,
जय-जय राजस्थान, भारत की शान!

 
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