ग़मो का जायका लौट आया है
फिर वहीं हादशा लौट आया है
उसकी नाराज़गी से भी खुश हूँ
जाके बाकायदा लौट आया है
इश्क़ से पहले सोचना था तुम्हें
जो तेरा कायदा लौट आया है
-हयात
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