अस्ताचल संदेश दे जाता
जाने वाले को हमेशा
लौट कर आना होता
यही है चेतना की यात्रा
अनुभव से दृष्टि तक,
अज्ञान से ज्ञान तक,
ज्ञान से प्रज्ञा तक
विस्मृति से स्मृति तक
आने वाले प्रति पल के
नए आत्मबोध के रूप में ।
-जयश्री पुरवार
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X