कविता -"NCA का जयघोष"
बाजार में निकलेगी झांकी जानकी श्री राम की।
हर तरफ जयघोष होगा NCA के नाम की।।
कोई ऐसा कह रहा था, बात है कल शाम की।
तारीफ पे तारीफ़ थी, बस NCA के काम की।।
हर तरफ जयघोष होगा.........
नीट में हो, खेल में हो, एक ही बस नाम है।
पाठन करा लो, लेखन करा लो, कोई सा भी काम है।
स्काउट-गाइड, NSS होंगे, रेडक्रॉस का साज होगा,
बैंड, गीत और संगीत में, अपना अलग अंदाज होगा।।
धूम मचेगी हर तरफ, सब के सभी प्रोग्राम की।।
हर तरफ जयघोष होगा.............
मान हो सम्मान हो, शिक्षा हो या संस्कार हो।
NCA एक मात्र है, सपना जहाँ साकार हो।
बच्चे भी हों शिक्षक भी हों, डायरेक्टर भी हों प्राचार्य हों।
तहे दिल से हो समर्पित, हर किसी को आभार हो।
तन समर्पित मन समर्पित, ऐसे पावन धाम की।
हर तरफ जयघोष होगा.........
नाम कमाया काम से, पहचान बनाई शान से,
NCA जहाँ है खड़ा, कर्म और सम्मान से।।
सर उठा के कह सके, विद्या माँ मेरी अभिमान से।
मिट्टी जवा की गर्व से, गाये ग़ज़ल गुणगान से।
NCA का पत्ता पत्ता, गाथा कहे संग्राम की।
हर तरफ जयघोष होगा...........
दिल से.................... जयशंकर सिंह बाघेल
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