रिमझिम बरस रहे बादल
पानी से भरी-भरी धरती
खेतों में मेढक बोले
सब बच्चे कागज का नाव बनाते
रंग-रंग के फूल खिले
हरियाली आई उपवन में
तितलियाँ उड़ रही हैं आसमां में
मनभावन सावन में
झूम रहा सारा गगन
नाचे मोर घने जंगल में
झूले पड़े डालों पर
सब बच्चे ताली बजा रहे हैं
पिल्ले भी भौंक रहे हैंं
बिल्ली को दूध पिला रही बेबी
सब है खिला-खिला
हंस रहा है आसमां
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