एक मेले की रौनक
बड़ी-बड़ी दुकानों से
नहीं सजती है
मेले में
गुब्बारेवाला न हो
खिलौनेवाला न आये
चाटवाला न आये
चूड़ीवाला न आये
झूले न आये
जलेबीवाला न आये
इन छोटे-छोटे दुकानदारों से
एक मेले की बुनियाद होती है
इन्हीं छोटे-छोटे लोगों से
पूरी दुनिया होती है
इन्हीं लोगों से
दुनिया का एक रंगमंच सजता है
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