हे मेरी प्यारी-सी बेटी
तुम मेरी एक लौती जान हो
निर्बल नहीं तुम निराली हो
बिलकुल मतवाली हो
तुम सौभाग्यशाली हो
मेरे दिल की मधुशाली हो
हमारे घर की तुम दिवाली हो
दिल झूम उठता है तुझे देखकर
तुम ही सरस्वती, लक्ष्मी, और शेरावाली हो
- जतिन कुमार
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X