जागो नर कुछ कर्म करो ।
मत समय बिताओ व्यर्थ कभी।।
रवि से सीखो समय पालन।
धैर्य सीखो धरिणी से।।
जीवन में यदि गति चाहो।
गति सीखो मारुत नन्दन से।।
उठो नर अपना मार्ग चुनो।
जैसे चुनता वन का सिंह।।
जीवन मूल्य अमूल्य सदा।
मत समय बिताओ व्यर्थ कभी।।
©कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर, कानपुर।
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