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मैं कौन हूँ

                
                                                         
                            "मैं कौन हूँ"
                                                                 
                            

मुझे कोई शिकायत नहीं उनसे जो नापसंद करते हैं,
तकलीफ तो उनसे है जो पसंद का दिखावा करते हैं।

दुनिया में सबसे अमीर वही कहलाता है,
जो एक मुस्कान से दिलों को जीत जाता है।

कोई दूर से दिखे तो मन खुशी से झूमे,
उससे बात करने को हर लम्हा बेचैन घूमे।
और कोई दिखे तो मन ये कह उठे,
"अरे यार, ये फिर कहाँ से आ गए?"

सोचो हम किस कतार में खड़े हैं आज,
अगर दूसरी में हैं तो बदलो अपनी आवाज़।
पहली कतार का हक कमाकर लाना होगा,
अपने किरदार को खुद ही सँवारना होगा।

किसी ने पूछा "इतने खुश कैसे रहते हो?"
मैंने कहा "गाड़ी से साइड-ग्लास हटा दिए।
जिसमें पीछे छूटे रास्ते और बुराई दिखती थी,
वो नज़रें अब आगे की मंज़िल देखती हैं।"

जीवन आगे बढ़े, पीछे मुड़कर मत देखो,
बुराई को जगह दो ही मत, बस मुस्कुराते रहो।
— जगदीश प्रसाद शर्मा
 
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3 महीने पहले

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