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क्षमा ही शक्ति है

                
                                                         
                            "क्षमा ही शक्ति है"
                                                                 
                            

माफ़ करना हार नहीं, ये मन की ताकत है,
इसी में तो जीवन की, सच्ची उदारता है॥

जो दुख दे गया कोई, वो शायद भूल गया,
पर हम भी उस बात को, मन में पाले रहे॥
रोज उसी पीड़ा को, हम स्वयं ही दोहरा रहे,
बीता हुआ कल लेकर, आज को दुखी कर रहे॥

क्षमा का अर्थ नहीं, गलत को सही कहना,
क्षमा का अर्थ है, विष को मन में न रहने देना॥
गलत से सीख लेना, सीमा भी बना लेना,
पर द्वेष का काँटा, दिल में नहीं बसा लेना॥

मन में बदला रखोगे तो, स्वयं ही जल जाओगे,
क्षमा कर दोगे तो, फूलों से खिल जाओगे॥
हर लड़ाई जीतना, जरूरी तो नहीं होता,
मन को शांत रखना ही, सबसे बड़ी विजय होता॥

आज जरा खुद से पूछो, क्या बोझ ढो रहे हो,
किस पुरानी बात को, वर्षों से रो रहे हो॥
छोड़ दो आज उसे, मन को हल्का कर लो,
प्रेम का दीप जलाओ, जीवन सुंदर कर लो॥

द्वेष कम करो दिल से, संवाद बढ़ा लो,
जहाँ क्षमा हो सके, वहाँ क्षमा ही कर दो॥
जहाँ जरूरत हो, मर्यादित दूरी बना लो,
पर अपने मन में, सदा प्रेम बसा लो॥

क्योंकि प्रेम रखने वाला ही, सच में मुक्त होता है,
वही इस दुनिया में, सबसे सुखी होता है॥
- जगदीश प्रसाद शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक महीने पहले

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