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अलग सोच ही महानता है

                
                                                         
                            "अलग सोच ही महानता है"
                                                                 
                            

महान कार्य करने वाले अलग सोचते हैं,
भीड़ की राह छोड़कर अपने पथ पर दौड़ते हैं।

दूसरे जिसे असंभव कहें, उसे सपना बनाते हैं,
उनकी अजीब बातें, जोखिम भरे फैसले दुनिया को चौंकाते हैं।

उनका जुनून कई बार पागलपन सा लगता है,
लेकिन यही जुनून उन्हें भीड़ से अलग करता है।

बदलाव तभी आता है जब सीमा तोड़ते हैं,
तय राहों से आगे जाकर नया मोड़ लाते हैं।

जिसे दुनिया पागलपन समझती है, वही महानता बन जाता है,
इतिहास ऐसे ही लोगों से अपना पन्ना सजाता है।

मोदी जी की सोच सबसे अलग, सबसे न्यारी है,
2047 का विकसित भारत, उनकी तैयारी है।

ऐसे ही प्रधानमंत्री भविष्य में मिलें, यही प्रार्थना है,
ईश्वर से करबद्ध यही कामना है, यही वंदना है।
- जगदीश प्रसाद शर्मा
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