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किरायेदार थोड़े हैं

                
                                                         
                            वो मुस्कुराया तो इसका मतलब प्यार थोड़े है।
                                                                 
                            
मोहब्बत, इबादत है, कोई व्यापार थोड़े है।

जरा सी बात है मगर गैर को कौन समझाएं?
यहां हर गली में हमारे रिश्तेदार थोड़े हैं।

पागल है, ईमान की दुकान खोलकर बैठा है।
बाज़ार में अब ऐसे खरीदार थोड़े हैं।

आस्तिनों में खंजर भी छिपे हो सकते हैं।
हर हाथ मिलाने वाले वफादार थोड़े हैं।

मिट्टी में सोने वाले दोस्त हैं, हमारे।
हम किसी नेता के खरीदार थोड़े हैं।

पसीने छूट जाते हैं मकान खाली कराने में।
आजकल इतने शरीफ किरायेदार थोड़े हैं।
-जगदीश चंद्र कापड़ी
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2 महीने पहले

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