प्यार का सब नशा फुर्र हवा हो गया
बेशरम, बे'हया बे'वफ़ा हो गया
चाँद लाता जमीं पर शब - ए - रोज़ वो
उसकी बातों से फिर इश्क़ सा हो गया
उसके वादों पे रोज ऐ'तबार किया
जख्म का फिर नशा दोगुना हो गया
उसने धोका दिया उसको धोका मिला
रब ने मेंरी सुनी वो फ़ना हो गया
जफ़ा की न'स्ल सा वो बदला नहीं
बेवफाई की वो प्रीतिमा हो गया
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