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कमाल हम भी करेंगे वो साल आने दो

                
                                                         
                            कमाल हम भी करेंगे वो साल आने दो। ज़रा सा हुस्न पर उनके जवाल आने दो।
                                                                 
                            

हम जानते हैं आपका हुनर लेकिन । अभी जवाब न भेजो सवाल आने दो।।

हमें भी नाज़ है खुद पर कि माफ़ कर देंगे।
बस उनके चेहरे पर थोड़ा मलाल आने दो।।

अभी देखी ही कहां है इस सब्र की ताक़त।
अगर जो आता है उनको जलाल आने दो ।।


ये माल ऐ दुनियां तुम्हीं को बहुत मुबारक हो।
मेरे दरवाजे पर रिस्क ऐ हलाल आने दो ।।

मिला है क्या हमें एक रोज़ हम दिखा देंगे।
ज़रा"मेंहदी"की क़लम में कमाल आने दो ।।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
37 मिनट पहले

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