जो दूर जाओगी तो और प्यार आयेगा ।
क़रीब आओगी तो एतबार आयेगा ।।
गले से हमको लगाओ तो बात हो तुमसे ।
लबों को मिलने दो दिल को करार आयेगा ।।
तुम्हें मालूम नहीं है इस इश्क़ की कूवत।
जो इसमें डूबोगी रुख पर निखार आएगा ।।
ये प्यार मेरे ख़ुदा की अज़ीम नेमत है।
जब हमपर आयेगा तो बेशुमार आयेगा ।।
इक़बाल मेंहदी काजमी
अगर इन बाहों में एक बात सिमट जाओगी ।
ये लम्हा जिंदगी में बार बार आयेगा ।।
कि एक रोज़ ये "मेंहदी" तो चला जाएगा ।
जब याद आएगी इसकी खुमार आयेगा ।।
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