खुद से मिलकर जाना ये , बस खुद से ना मिल पाये हम।
जिसने मुझको जैसा चाहा , खुद को वैसा चाहे हम।
सबकी चाहत सर आखों पर , क्या कोई जाने क्या चाहे हम ।
रूठे चाहे जिससे भी , खुद ही खुद को मनाये हम ।
पाना चाहा सबको पर , बस खुद के हिस्से आये हम ।
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