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अकेले गांव

                
                                                         
                            गांव जो बिछड़ गये , लोगों से ,
                                                                 
                            
या लोग जो बिछड़ गये हैं, गांव से
क्या हमको वो , बिल्कुल ही भूल गये हैं,
दहलीजे पूछती हैं, हवाओं से ।।
बचपन पूरा , सब हंसना रोना , खेल - खिलौने आंचल में लेकर सूख गयी
तुम कैसे छूट गये , आंगन की तुलसी मांओ से ।।
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2 घंटे पहले

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