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यात्रा

                
                                                         
                            जीवन एक यात्रा है इसकी मंजिल पहचानो।
                                                                 
                            
कदम कदम पर बाधाएँ हैं देखो समझो जानो।
जाने कितने धूल हुए हैं बीच राह में गिरकर,
गिरो उठो पर रुको नहीं, मन में इस जिद को ठानो।
-इन्द्र प्रसाद 'रत्नेश'
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एक महीने पहले

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