सच क्या है भक्त गण जानना ये चाहते हैं, दान चोर कौन कौन नाम बतलाइए।
कितने है लोग जिन मुखों पे मुखौटे लगे, इन सभी की गधों पे रैली निकलाइए।
जूतों चप्पलों की माला गले में लटकती हो, इन पे सड़े टमाटरों को फिंकवाइए।
पक्षी या विपक्षी हो या दूसरे किसी का सगा, योगी बाबा उस पे रहम मत खाइए।
-इन्द्र प्रसाद 'रत्नेश'
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