लेती जा मेरा शुकराना।
अब इस जीवन में मत आना।
जा रही कहाँ हो बतलाना।
मुड़कर देखो जाने जाना।
बिन कहे सुने ठुकराई हो,
अब इस जीवन में मत आना।
मैं भूलूँगा हर अफसाना।
हर हरकत तेरी बचकाना।
सब सोच समझ मैं कहता हूँ,
अब इस जीवन में मत आना।
तरसाई हो पाई आना।
मोहताज किया पीना खाना।
मैं नींद चैन की सोऊँगा,
अब इस जीवन में मत आना।
सुख के सागर को है पाना।
प्रभु के भजनों को है गाना।
'रत्नेश' विरक्त हुआ तुमसे,
अब इस जीवन में मत आना।
-इन्द्र प्रसाद लोधी 'रत्नेश'
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