है मनौना धाम के महंत महाराज जी वो, बड़े ही कृपालु भक्तराज बड़े प्यारे हैं।
नाम जिनका ओमेन्द्र महाराज जी हैं दिव्य, छवि है अलौकिक व पीत पट धारे हैं।
भगतों को देते हैं दरस व आशीष निज, करते सुधा जल की नित वो बौछारें हैं।
कर कमलों से उनके गिरें जो जल बिंदु, सारे हो प्रसन्न भक्त करते जयकारे हैं।
-इन्द्र प्रसाद लोधी 'रत्नेश'
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