सैल्यूट तुम्हें, स्मित मच्छार!
स्मित मच्छार सैल्यूट तुम्हें,
भारत का मान बढ़ाया है।
भारतवंशी हैं वीर - धीर,
यह दुनिया को दिखलाया है।।
हमला झेला सहकर्मी का,
घायल हो गये लहूलुहान।
लेकिन संघर्ष किया जमकर,
विमान सुरक्षा रही ध्यान।।
साहस और धैर्य बनाए रहे,
करी फ्लाइट नियंत्रण में।
आपात संकेत प्रसारित कर,
काकपिट डोर खोला क्षण में।।
सहयोग मिला फिर यात्री का,
हमलावर पर काबू पाया।
मानवता, कर्तव्यपरायणता,
यह दुनिया भर को दिखलाया।।
विश्व पटल पर भारत की,
तुमने करवा दी जय जयकार।
साजिश,को सफल न होने दिया
सैल्यूट तुम्हें,स्मित मच्छार!
-अनिल शर्मा 'अनिल'
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