शिव, मेरे तुम कौन हो ?
मैं पूछता हूँ , क्यों मौन हो
हो शिव मेरे , मैं जानता
उर के वेगपति
भावपति मे , कौन हो ?
कोई नहीं हो
वो रूप क्या , जो रूप हो
तो , हो चिदंबरम जग तमाम।
वर दो , वर दो , हे महान
रिक्त करो , और ख़ुद को भर दो ।
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