समोसे का बाजार गरम है
उसका अपना एक धर्म है
क्या हिंदू क्या मुस्लिम भाई
यह सबके घर पहुंच रहा है।।
खाने का व्यंजन समोसा है
बच्चों का ये बहुत प्रिय है
क्या बौद्ध क्या इसाई भाई
यह सबके घर पहुंच रहा है।।
समोसे का उपनाम नहीं है
लेकिन ये बदनाम बहुत है
भारत की पहचान है भाई
यह सबके घर पहुंच रहा है।।
जब किसी को भूख लगे तो
कहते चलो,समोसा खाते हैं
आलू इसकी सगी लुगाई
तेलों में की गई फ्राई
कवि होरीलाल विनीता देखें
यह सबके घर पहुंच रहा है।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X