ये बिन पैसे के मजदूर है,
फिर भी नहीं ये मजबूर है।
ये अपना काम हर रोजाना करते है,
बिना श्रांत करते ही रहते है।
नहीं इन्हें कोई टोकता व नहीं कोई रोकता है,
क्योंकि इस तरह से ये अपने कार्यों में घुले है।
कभी अपनी मजदूरी बिना मजबूरी के करना,
देखना फिर कैसे इनकी तरह तुम्हारे सितारे चमकते है।
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