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देखना फिर कैसे इनकी तरह तुम्हारे सितारे चमकते है।

                
                                                         
                            ये बिन पैसे के मजदूर है,
                                                                 
                            
फिर भी नहीं ये मजबूर है।
ये अपना काम हर रोजाना करते है,
बिना श्रांत करते ही रहते है।
नहीं इन्हें कोई टोकता व नहीं कोई रोकता है,
क्योंकि इस तरह से ये अपने कार्यों में घुले है।
कभी अपनी मजदूरी बिना मजबूरी के करना,
देखना फिर कैसे इनकी तरह तुम्हारे सितारे चमकते है।
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2 घंटे पहले

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