सनातन संस्कृति का
एक पावन फूल हैं हिन्दी।
राष्ट्रीय एकता का
एक सशक्त पूल हैं हिन्दी।।
अनेक उपभाषाओं के
समूह की प्रमुख हैं हिन्दी।
शब्दकोश से उपभाषाओं को
समृद्ध करती राष्ट्रभाषा हैं हिन्दी।।
भारतवर्ष के माटी की
परम् पावन धूल हैं हिन्दी।
भारत के एकता को
बढ़ाने वाली मूल हैं हिन्दी।।
देवभाषा संस्कृत का
परम् पावन अंश हैं हिन्दी।
प्राचीन देवभाषा का
परम् पावन वंश हैं हिन्दी।।
देवभाषा संस्कृत की
पावन उत्तराधिकारी हैं हिन्दी।
धर्म को धारण करने से
भाषा परम् संस्कारी है हिन्दी।।
संस्कृत के शब्दकोष से
समृद्ध हुई है हमारी हिन्दी।
अपनी उपभाषाओं को
समृद्ध करती है हमारी हिन्दी।।
-ओ सी पटले
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