आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

हिन्दी को वैश्विक सम्मान चाहिए

                
                                                         
                            साहित्यिकों का मन वृंदावन चाहिए।
                                                                 
                            
हिन्दी भाषा को वैश्विक सम्मान चाहिए।।

साहित्य में भावों का संचार चाहिए।
साहित्य में भाषा का श्रृंगार चाहिए।
आकर्षक हो साहित्य हिन्दी भाषा का,
हिन्दी भाषा को वैश्विक सम्मान चाहिए।।

हिन्दी साहित्य में सुंदर बहार चाहिए।
भावनाओं के सम्प्रेषण में धार चाहिए।
मनोरम हो साहित्य हिन्दी भाषा का,
हिन्दी भाषा को वैश्विक सम्मान चाहिए।।

साहित्य में रसों का संचार चाहिए।
कल्पनाओं में ऊंची उड़ान चाहिए।
ध्यान हो साहित्य में विशुद्धता का,
हिन्दी भाषा को वैश्विक सम्मान चाहिए।।

साहित्य समाज का दर्पण चाहिए।
जीवन- पथ का मार्गदर्शन चाहिए।
उद्देश्य हों नयी पीढ़ी के निर्माण का,
हिन्दी भाषा को वैश्विक सम्मान चाहिए।।

साहित्य को संस्कृति का अधिष्ठान चाहिए।
साहित्य को सनातन का अधिष्ठान चाहिए।
उद्देश्य हो समाज को संस्कारित करने का,
हिन्दी भाषा को वैश्विक सम्मान चाहिए।।

-ओ सी पटले
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
6 दिन पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर