ये है भारत देश, ओ भइया ये है भारत देश
नेता यहाँ के बड़े निराले, करते हैं नित नए घोटाले
सोच में इनकी बड़ा कन्फ्यूजन कर देते इंसानों और गधे का फ्यूजन,
समझना इनको बड़ा है मुश्किल जैसे हो बरमूडा का ट्राएंगल
विपक्ष में ये लगते हैं ऐसिड और सत्ता में आते ही हो जाते बेस
ओ भइया ये है भारत देश I
इनके कार्यक्रम बड़े व्यस्त है, घोटालों मे ये सभी मस्त हैं
बोफोर्स हम सुलझा भी ना पाए, अब आ गया कोलगेट
ओ भइया ये है भारत देश I
नेताजी बड़े प्रतापी खा जाते है कॉफिन को समझ के टॉफ़ी
जनता भूखी रहे बेचारी, इन्हें परोसे मेवे की थाली,
अब जिंदों ने भी हार मान ली, तो मुर्दों का क्या होगा फेट
ओ भइया ये है भारत देश I
नेताजी को एक ही टेंशन, कम ना हो पब्लिक अटेंसन
क्या बिड़ला और क्या अंबानी, नेताजी का कोई ना सानी
भूख है इनकी इतनी ज्यादा, खा जाते पशुओं का चारा
जनता की तो बात छोडिए, जानवर भी हैं अब इनसे अफ़्रेड्
ओ भइया ये है भारत देश I
कश्मीर से कन्याकुमारी, पब्लिक है इनके भरोसे की मारी
नेताजी पर करके ट्रस्ट, सोचा पाएगें सस्ता राशन फर्स्ट
पर असलियत में, न मिल पाया इवेन घासलेट
ओ भइया ये है भारत देश I
हिन्दु मुस्लिम सिक्ख इसाई, कोई नहीं है इनका भाई
पर फिर भी कभी ये हिन्दु, कभी ये मुस्लिम,
और चुनावो में, बन जाते हैं पूरा भारत देश
ओ भइया ये है भारत देश I
जनता तो सिर्फ एक फ्रेज़ है, वोटों का ही इन्हें क्रेज़ है,
इनकी लीला अपरंपार, पाँच साल में आते एक बार I
महात्माओं का था ये देश, कर्म ही पूजा जिनका फेथ
नेता जी अब तो रुक जाओ, राजनीति को कारोबार ना बनाओ
लेकर अब तो प्रभु का नाम, कर दो जनहित के कुछ काम
ताकि अगली बार जब आओ, जनता से तुम वोट संग सम्मान भी पाओ I
ओ भइया ये है भारत देश I
-उपेन्द्र
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