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दोस्त अच्छी बन पाई नहीं

                
                                                         
                            दोस्त अच्छी बन पाई नहीं
                                                                 
                            

घूमी- फिरी, दोस्त बनाए,
दोस्ती की, शायद निभाई नहीं,
तो दोस्त अच्छी बन पाई नहीं।

हंसी-खेली, मज़ाक किए,
शायद कभी दोस्ती समझ पाई नहीं,
तो दोस्त अच्छी बन पाई नहीं।

रूसना-मनाना,नाराज़ हुई,
पर जल्दी मान गई,
हर बार यही गलती की,
तो शायद अब कद्र नही।

अकड़ थी, Ego था,
दोस्ती में सब side किया,
आखिर में क्या मिला???
मैं दोस्त अच्छी बन पाई नहीं।

कमी मुझमें थी, शायद सब में हो,
पर अब दोस्ती तोड़ दी।
सच बताऊँ.......
दोस्ती की थी और निभाई भी,
पर कभी किसी को समझ आई नहीं।
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3 महीने पहले

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