मन ने मान लिया,
दूरी का जाम पिया।
कहते कहते बरसों बीते,
नज़रों ने पल में काम किया।
घर से दूर रहें बरसों ,
घर की यादों ने मन में कयाम किया।
इस तरफ नहीं नरमी,
हमने सारा जीवन जिनके नाम किया
-हेमन्त कुमार शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X