आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

जुदा इश्क़ हैं...

                
                                                         
                            तू जुदा हैं पर प्यार जुदा तो नहीं
                                                                 
                            
आँसू हैं आँखों मे तुझे इस बात
का कोई हया तो नहीं...
खफ़ा हूँ तुझसे पर मगरूर तो नहीं
लियाकत हैं तुझमे पर तेरे बिना जीना
सीखा तो नहीं...
फुरकत सी लगती यें दुनियाँ पर इसमें
तू एक शामिल तो नहीं...
अकेली सी पड़ गई तेरे जाने के बाद
तुझे एक क्षण हमारी फिकर तो नहीं...
मौन हों गई मैं जा तू खुशियाँ मना
जी ले अपनी जिन्दगी हम दोनों के बीच
अदावत तो नहीं....!!!
-हेमप्रिया
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर