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मेघ की पुकार

                
                                                         
                            मेघदूत, ओ मेघदूत,
                                                                 
                            
सुनो मेरी पुकार।
मेघराज से कह दो तुम,
धरती पीने को तैयार।

घनघोर घटा गरज-गरज गरजे,
धरती जल को तरसे।
जीव-जंतु, खग-खरगोश,
प्यासा दीन, बेबस बेहोश।

नदी सूखी, पेड़ झड़े,
रात-दिन धरती जले।
एक ही इच्छा सबके मन में,
बरसो बनकर मेघ विशेष।
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3 घंटे पहले

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