मन को एकाग्र करना बहुत है ज़रूरी,
क्योंकि इसके बिना मोक्ष में कोसों दूरी।
एकाग्र मन से ही सफलता मिलती,
बीज एकाग्र न हो तो कलियाँ नहीं खिलती।
भटकता मन सदैव अहित का कारण,
स्थिर मन से होता सम्यक्त्व धारण।
अनंत समय गुज़ारा मन एकाग्र न होने के कारण,
मिली सिद्धशिला अनंतों को मन एकाग्र करने के कारण।
एकाग्र मन से पूर्ण होती हर इच्छा अधूरी...
— मन को एकाग्र करना...
मन एकाग्र न हो तो ब्रेन हैमरेज हो जाता,
भटकता मन कभी भी मंज़िल नहीं पाता।
ज़्यादा सोचने से ही बीमारी घर आती,
मन शांत हो तो बड़ी से बड़ी बीमारी टलती।
अदीन मन है सुख का साधन,
एक यही है शाश्वत मोक्ष का कारण।
जानते हम सब, किंतु उपयोग नहीं लगाते,
उपयोग लगाते हैं तो भी विपरीत लगाते।
'हर्षित' एकाग्र मन ही है मुक्तिसुख की धुरी...
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